भारतीय योद्धा

भारत मे एक से एक संस्कृति और धर्मो का उल्लेख मिलता है । भारत अपनी विविधताओं के लिए विश्व प्रसिद्ध है। ऐसी ही एक कहानी आज मे कहता हूँ लिखता हूँ। ये कहानी मेरी मनो रचना से गढ़ी हुई है। इस कहानी के पात्र निम्नलिखित है।
1.इंडियन पुलिस सर्विस से आईपीएस शिवाजी सिंह
2.भारतीय वैज्ञानिक श्री राम शर्मा
3.आर्कियोलॉजिस्ट श्री मति अंजना श्रीवास्तव
4.इंजीनियर ललित राणा
5.जटायु सुपर हीरो
6. के.के. (दवा व्यपारी)

किरदारों की हमेसा अलग ही पहचान और मिजाज होता है । मेरी कहानी सुरु होती है। हरयाणा के कुरुक्षेत्र से जहाँ श्री मद भगवत गीता का ज्ञान दिया गया था। जहाँ धर्म की स्थापना के लिए धर्म युद्ध महाभारत हुआ था। भारतीय पुरातत्व वेताओ को खुदाई मे वो रथ का पहिया मिल जाता है जो भगवान श्री कृष्ण ने अपने पवित्र ईश्वरीय हाथो से उठाया था। उस रथ के पहिये से ऊर्जा रूपी प्रकाश साक्षात् रूप से विधमान रहता है और सत्य की भाँति निकलता रहता है। पुरातत्व कर्मचारी उस पहिये को ईश्वर की भेट मानकर दिल्ली ले कर आ जाते है। भारतीय पुरतत्व शोध संस्थान को सौप देते है परिक्षण करने के लिए। पुरत्तवियो को अंदेसा रहता है। भारत के विकाश मे वेदों का सम्पूर्ण ज्ञान अर्जित करने के लिए ये खोज एक जरूर मिल का पत्थर साबित होगी। इससे पुराने इतिहास का स्वर्णिम ज्ञान होगा। और हिंदू धर्म की महत्वता का और अधिक ज्ञान होगा। ऐसा सोच कर वो सारी बातें प्रधानमंत्री जी को बता देते है।
दूसरी तरफ दवा व्यापारी जिसका व्यवसाय विश्व मे चारो तरफ फैला है वो हर समय अपनी निजी संस्था दुवारा नित नए प्रयोग करता रहता है जिससे दवाइया बना सके और ज्यादा मुनाफा कमा सके। उसे इस बात की भनक लग जाती है। और पवित्र पहिये को पाने के लिए लालयित रहता है। और अपने एजेंटो के द्वारा पवित्र पहिये को चुरा ले जाता है। भारतीय पुरातत्व संस्थान मे इस खबर से हड़कम्प मच जाता है। ये बात सीधे प्रधानमंत्री जी तक पहुच जाती है। वो ये काम रास्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को सौपते है के कैसे भी करके पवित्र पहिया वापस लाया जाये। और किसी को कानो कान खबर ना हो।
तब राष्ट्रिय सुरक्षा सलाहकार एक गुप्त टीम गठित करते है।
जिसमे
1.इंडियन पुलिस सर्विस से आईपीएस शिवाजी सिंह
2.भारतीय वैज्ञानिक श्री राम शर्मा
3.आर्कियोलॉजिस्ट श्री मति अंजना श्रीवास्तव
4.इंजीनियर ललित राणा
5. जटायु सुपर हीरो
6.के.के दवा व्यापारी
सर्वप्रथम 5 लोगो को सम्मिलित करने का विचार आता है। और आइपीएस शिवाजी सिंह को मिशन कुरुक्षेत्र सोपा जाता है। और उनको अपनी पसन्द के मश्हूर लोग चुनने की आजादी दी जाती है।
शिवाजी सिंह सबसे पहले इसरो जाते है। वहाँ वैज्ञानिक श्री राम शर्मा से मिलते है।
शिवाजी सिंह:- हेलो mr ram
राम शर्मा :- मैंने आपको पहचाना नही श्री मान
शिवाजी :- आप पिछले 10 साल से इसरो को सेवाएं दे रहे है।
राम:- नही मैंने ये नही कहा आप ये बताओ कृपया अपना परिचय दीजिये आप यहाँ मेरी लैब मे क्या कर रहे है।
शिवाजी:- भक्त हूँ सहाब आपका आपसे मिलने को आया हूँ।
राम:- बताइये जब आप यहाँ तक आये है तो निश्चित रूप से कोई सरकारी कर्मचारी ऊँचे ओधे के होंगे कद काठी से पुलिस वाले या फौजी लगते है।
शिवाजी :- यस सर सही फरमाया मुझे आपसे देश सेवा मे मदद चाहिए। क्या आप मेरी मदद करेंगे।
राम:- जी जरूर हम तो हमेसा से ही ये कर रहे है।
शिवाजी:- दिल्ली चले।
राम:- चलिए ।
राम दिल्ली आ जाते है उन्हें एक सरकारी बंगले मे रुकने के लिए बोला जाता है और केस की रुपरेखा सौप दी जाती है ।
अगली उड़ान के लिए शिवाजी जी को आर्कियोलॉजिस्ट के पास मुम्बई जाना पड़ता है।
शिवजी:- नमस्कार अंजना जी
अंजना:- नमस्कार सर मैं जानती हूँ आप यहाँ क्यों आये है बहुमूल्य रत्न पवित्र पहिये के लिए सारी जिंदगी मैंने लगा दी रिसर्च करके और तब ही मेरा ट्रान्सफर दिल्ली से मुम्बई हो गया।
शिवाजी:- आपका रत्न आपके शहर मुम्बई ही है शायद।
अंजना:- दफ्तर मे होता तो मुझे पता नही चलता क्या।
शिवाजी:- चोरी हो गया है पवित्र पहिया।
अंजना:- क्या ?? आप जानते है उसमे मोक्ष प्राप्ति अमर तत्व पता नही कौन कौन से खजाने हो सकते है।
शिवाजी :- तब ही तो आपकी मदद चाहता हूँ वो चुरा लिया गया है दवा व्यापारी के द्वारा उसका अड्डा मुंबई है यही से उसका व्यवसाय चलता है।
अंजना:- तो उसको सीधा ही क्यों नही पकड़ते।
शिवाजी:- मामला पेचीदा हैं काम गोपनीय है। मिडिया मे नही उछाल सकते है के.के एक रसूखदार है जिसका गठजोड़ हर राजनितिक दल से है देश भी बचाना है हवा भी नही आने देनी है ।
अंजना:- तो मेरी मदद क्यों चाहिए आपको ?
शिवाजी :- उसको ढूढने मे
अंजना:- मैं तैयार हूँ बताइये क्या करना होगा
शिवाजी:- दिल्ली चले
अंजना:- कब ?
शिवाजी:- अभी
अंजना:- ठीक है 1 घण्टे मे एअरपोर्ट पर मिलते है
शिवाजी:- ठीक है
फिर शिवाजी मश्हूर भारतीय इंजीनियर जो खुद के साइंस प्रोजेक्ट और अलग तरह की आधुनिक तकनीको पर काम करते है उनसे मिलने वापस दिल्ली आते है।…..
ललित राणा:- कनाट पैलेस अकेले घूम रहे होते है।
तब ही उनको फ़ोन आता है शिवाजी का और परस्पर सवांद होता है दोनों मे।
शिवाजी:- आप समझ रहे हैना ललित मै क्या कह रहा हूँ
ललित:- जी सर लेकिन मशीनों के आलावा और मुझे कुछ आता ही नही है मुझे वे ही जल्दी समझ मे आती है।
शिवाजी:- कोई बात नही बस आप तैयार रहे आपको एक अच्छा प्रोजेक्ट मिलने वाला है।
ललित :- ओके सर
शिवाजी सभी से दिल्ली मुख्यालय मे मिलते है और परस्पर चर्चा करते है। फिर सोचने लग जाते है। तब ही उनसे वैज्ञानिक राम पूछते है आप किस सोच मे है सर
शिवाजी कहते है एक किरदार एक साथी आपका अभी नही मिला है उसी के बारे मे सोच रहा हूँ
सभी कहते है कौन सर:-
शिवाजी कहते है एक गुमनाम प्राणी जो है तो भारत मे ही पर अपने मे ही रहता है मैं भी एक बार ही मिला हूँ उससे
सब फिर पूछते है आखिर कौन है वो
शिवाजी:- जटायु
सभी कहते है कौन जटायु ?
जटायु एक व्यक्ति ही है बस आप लोगो से अलग है मुश्किल से ही मिलना होता है उससे एक बार मैं लद्दाख मे मिला था उससे एक ऑपरेशन के दौरान।
सभी पूछते है क्या किसी फ़ोर्स से सम्बन्ध रखता है।
शिवाजी:- नही वो एक आम इंसान है पर खास गुणों का मालिक है।
जो लोगो के बीच रहकर भी नही होता है उसे मुश्किल से ढूढ़ना पड़ता है प्रकर्ति प्रेमी है तो इसलिए उसको खोजने के लिए एक टीम उत्तर की और हिमाचल उत्तराखंड और हिमालय भेजी है शायद मिल जाये तो आप लोगो की बड़ी मदद हो जायेगी।
तभी अंजना :- जी पूछती है क्या वो पहाड़ो पर रहता है उससे क्या मदद मिलेगी हमे ?
शिवाजी:- आप नही जानती वो एक ऊर्जा का स्वरूप योगी जैसा है जो अभूतपूर्व शक्तियो का मालिक है। जिसका विवेक ऊचकोटि का है और उसकी सूझबूझ सामर्थ्य का कोई ठिकाना नही है आप नही जानती मैं बस इतना जानता हूँ ये सब उसके बिना संभव नही है।
अंजना:- क्या आप शक्तिमान वाली बाते कर रहे है योगी तो ठीक है होते है पर ऐसा व्यक्तिव हमे तो कही नही मिला आज तक सुनने को।
शिवाजी:- जो दीखता है वो ही बिकता है मैडम ये भी जरुरी नही के कोई ऐसा ना हो ये भारत देश है।
जटायु मिलेगा जल्दी ही तब आपसे मुलाकात जरूर कराऊंगा चिंता मत कीजिये।

तब ही शिवाजी दिल्ली स्थित अपने दफ्तर मे चले जाते है। और सोचने लग जाते है कैसे तलाश की जाये जटायु की। तब ही उनको हिमाचल से फ़ोन आता है उनके कर्मचारी का सर एक व्यक्ति के बारे मे पता चला है जो शिमला के पास एक गाँव है पास मे ही वहाँ बच्चों और महिलाओ को आत्म रक्षा के गुण और योग सीखा रहा है वो भी निशुल्क बस हर घर से 2 समय का खाना आता है।

शिवाजी:- तो ये तो कोई भी हो सकता है

अफसर:- सर लेकिन हम वहाँ गए थे। हमने देखा कुछ तो है हमने सुबह जब वो घर पर नही था तो उसके रहने की जगह की तैलाशी ली तो आपका फ़ोन नंबर और कुछ कपड़े मिले है और एक पर्ची मिली है जिस पर दिल्ली का पता है। आपने अपना नंबर दिया।

शिवाजी:- हा ये ही है तुम ऐसा करो उसका पीछा मत करना सबके सब वापस आ जाओ। मैं खुद आता हूँ ऐसा बोलकर शिवाजी उछल पड़ते है।

अगले दिन शिवाजी शिमला के लिए उड़ान भरते है।

उस गाँव मे पहुचते है तो जटायु शिवाजी को देख कर हसने लगता है।

शिवाजी:- तुमने 14 दिन मिशन को लेट कर दिया है और तुम हँस रहे हों।

जटायु:- अरे सर मुझे पता था आप आओगे पर इतनी जल्दी आओगे ये सोचा नही था पर मेरा पीछा क्यों करा रहे हो मेरे पास कौन सा टैक्स बकाया है या किसी के पैसे लेकर भागा हूँ क्या ?

शिवाजी:- ये तो आजकल चल ही रहा है पर इससे कही अधिक ज्यादा और भी कुछ है। फिर शिवाजी सारी बात जटायु को बता देते है।

और दोनों दिल्ली आते है।

शिवाजी सभी सदस्यों का रहने का इंतजाम एक सरकारी भवन मे कर देते हैं।

1.आईपीएस शिवाजी सिंह
2.भारतीय वैज्ञानिक श्री राम शर्मा
3.आर्कियोलॉजिस्ट श्री मति अंजना श्रीवास्तव
4.इंजीनियर ललित राणा
5. जटायु सुपर हीरो
6.के.के दवा व्यापारी

सभी और सदस्य जटायु को देख कर कहते है ये तो 25 साल का लड़का है हमने सोचा कुछ अलग ही होगा।

जटायु बोल पड़ता है आप सब ने सोचा होगा पंख लगे होंगे उड़ता हुआ आऊंगा।

वैज्ञानिक राम बोल पड़ते है बच्चे मज़ाक का वक्त नही है।

तब ही शिवाजी आते है और कहते है आप सभी मिलकर प्लान बनाइये आगे क्या करना है।

तब ही सभी बोल पड़ते है और आप क्या करोगे।

शिवाजी बोल पड़ते है। मैं दफ्तर से बैठ कर नजर रखूंगा। और इतना कह कर निकल जाते है।

राम सबको कहते है चलो सभी काम पर लगे।

सबसे पहले हमे जानकारी जुटानी है। रंजना जी आप उस पहिये के बारे मे क्या क्या विशेषताये और जिससे हम उसे ट्रैक कर सके एक रिपोर्ट बनाइये।

मैं और ललित फिर ऐसी डिवाइस बनाते है जो ऊर्जा और मुख्य पदार्थो को ट्रैक कर सके।

ललित बोलते है। मुझे लगता है हमे अर्टिफिसिअल इंटेलिजेंस का उपयोग करना चाहिए।

तब ही राम बोलते है। लेकिन भौतिक विज्ञानं के बिना नही । ललित बोल पड़ते है। आप है तो सर।

और हमे के.के की सारी जानकारी मंगानी होगी शिवाजी जी से। तब ही परस्पर एक प्लान तैयार होगा।