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हलासन योग किस रूप में करे

Table of content 1.हलासन किसे कहते है 2. हलासन की विधि 3.हलासन के फायदे इस आसन में शरीर का आकार हल जैसा बनता है इसीलिए इसको हलासन कह

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क्यों ना सिद्धासन करे ?
What is the procedure of Matsyasana? मत्स्यासन की विधि Matsyasana benefts

Table of content

1.हलासन किसे कहते है

2. हलासन की विधि

3.हलासन के फायदे

इस आसन में शरीर का आकार हल जैसा बनता है इसीलिए इसको हलासन कहा जाता है ध्यान विशुद्याख्य के चक्र में श्वास रेचक और बाद में दीर्घ

विधि :-भूमि पर बिछे हुए आसन पर चित्त होकर लेट जाएं दोनों हाथ शरीर को लगे रहे अब रेचक करके सांस को बाहर निकाल दें

दोनों पैरों को एक साथ धीरे-धीरे ऊंचे करते जाएं आकाश की ओर पूरे उठाकर फिर पीछे सिर की तरफ झुकाए पैर बिल्कुल सीधे तने हुए रखकर पंजे जमीन पर लगाएं

ठोड़ी छाती से लगी रहे चित्तवृत्ति को विशुद्ध चक्र में स्थिर करें दो-तीन मिनट से लेकर 20 मिनट तक समय की अवधि बढ़ा सकते हैं

लाभ:- हलासन के अभ्यास से अजीर्ण कब्ज और थायराइड का अल्प विकास अंग विकार असमय बूढ़ा बूढ़ा होना व दमा कफ रक्त विकार आदि दूर होते हैं

इस आसन से लीवर बहुत अच्छा हो ता है छाती का विकास होता है शोषण किया तेज होकर ऑक्सीजन से रक्त शुद्ध बनता है गले के दर्द पेट की बीमारी संधिवात आदि दूर होते हैं

पेट की चर्बी कम होती है सिर दर्द दूर होता है वीर्य विकार दूर होता है खराब विचार बंद होते हैं नाड़ी तंत्र शुद्ध बनता है शरीर बलवान और तेजस्वी बनता है

गर्भवती स्त्रियों के लिए यह आसन नहीं है उसके अलावा हर एक को यह आसन करना चाहिए रीढ़ में कठोरता होना यह प्रदाता बुढ़ापा का चिन्ह है

हलासन से रीढ़ लचीली बनती है इसे युवावस्था की शक्ति स्फूर्ति स्वास्थ्य और उत्साह बना रहता है में मेरुदंड संबंधी नाड़ियों के स्वास्थ्य की रक्षा के लक्षण जल्दी नहीं आते हैं को शक्ति प्रदान होती है

की मांसपेशियां के अंगों की दुर्बलता के कारण से दूर होते हैं कमर पीठ गर्दन के रोग नष्ट हो जाते हैं और प्लीहा बढ़ गए तो हलासन से सामान्य अवस्था में आ जाते हैं

काम केंद्र की शक्ति बढ़ती है जीवन विकार दूर होते है यह आसन अंडकोष की वृद्धि आदि को ठीक करता है की क्रियाशीलता बढ़ती है ध्यान करने से विशुद्ध चक्र जाग्रत होता है

करो योग रहो निरोग ऐसी भावना को हलासन सिद्ध करता है । तो करिए योग रहे निरोग लेकिन सावधानी अनुसार किसी मास्टर प्रशिक्षक की देख रेख में करे उचित लाभ होगा ।

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