सैनिक

ये तो सच है के एक सैनिक जंग के लिए होता है।पर वो हर दम जंग नहीं चाहता है।बस कभी कभी शांति स्थापित करने के लिए भी जंग करनी पड़ती है।आज के आधुनिक दौर मे सभी देश पहले अपने वित्तीय फायदे भी देखते है।और फिर एक राजनितिक जंग लड़ते है।जो सबसे अच्छी बात है।क्योंकि परिवार तो सैनिक का भी होता है।जंग के बाद जमीन और शःहीद और विजय जीत ही बचते है।कोई भी सेना किसी भी देश का गौरव होती है।होनी भी चाहिए क्योंकि एक सैनिक अपनी पूरा जीवन देश के लिए कुर्बान कर देता है।हमे सैनिको के भी मानवाधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।हर आदमी तो सैनिक नहीं बन पाता।कभी भी किसी भी राजनितिक पुरुष को सेना पर सवाल नहीं उठाना चाहिए क्योंकि इससे सोच का पता चलता है।के अपने खुद के हित के लिए कोई कुछ भी कर सकता है।सैनिको को जितना भी धन्यवाद दिया जाये उनकी सेवा के लिए उतना ही कम है।