Site icon GoFuFa

हीरो बनने मुंबई जाए तो सबसे पहले क्या करे

भारत में हर साल बहुत से लोग मुंबई जाते है फिल्मों में हीरो बनने को हीरोइन बनने को लेकिन भारत का मुंबई शहर अन्य शहरों की अपेक्षा अत्यन्त महंगा है । भारत के अनेक कोनो से लोग जाते है हर राज्य से मुंबई लोग बॉलीवुड की दुनिया में कदम रखने जाते है आज मै आपको बॉलीवुड की एक काली दुनिया से परिचित कराऊंगा अगर आप फिल्म इंडस्ट्री में अपना कैरियर बनाना चाहते है तो ये जरूरी बातें ध्यान रखे । सबसे पहले जब आप मुंबई जाते है तो वहा आपको रहने खाने की जगह का टेंशन रहता है क्युकी मुंबई खर्चीला शहर है। तो उसके लिए आप अपने लिए शुरू में सस्ते कमरा धुंडे। वो आपको मुंबई के आराम नगर वर्सोवा में मिल जाएगा वहा आपको अनेकों स्ट्रगलर करते हुए एक्टर और एक्ट्रेस मिल जाएंगे । इस जगह कम बजट में सर छुपाने को जगह मिल जाएगी और अफोर्डेबल खाना भी मिल जाएगा। दूसरा सबसे पहले आपको हर दिन तैयार हो कर ऑडिशन देना होगा जगह जगह जाना पड़ेगा फिल्म सिटी जाना पड़ेगा । अगर कास्टिंग डायरेक्टर आपको पसंद नहीं करता है चेहरा देख कर तो वहां से दूसरी जगह चले जाए। आज कल बॉलीवुड में सिफारिशी वंशवाद ज्यादा चलता है जिन्हे एक्टिंग भी नहीं आती है इससे टैलेंट मर जाता है जो गलत है सिनेमा के लिए। तो अगर आपने 3 या 4 एड के लिए शूट भी किया है। मतलब ऑडिशन दिया है। तो सबसे पहले मै आपको बात बताता हूं अगर कास्टिंग डायरेक्टर को आपको अपने एड में नहीं लेना है तो वो आपको 2 शब्द कहेगा । 1. रिलीज़ युर डेट 2. विल वर्क इन फ्यूचर मतलब आपको प्यार से मना कर दिया गया है । दूसरा अपना अच्छा सा पोर्ट फोलियो तैयार कराए । नए नए लोगो से मिले डायरेक्टर से मिले कास्टिंग डायरेक्टर से समय ले । हो सकता है आपका काम बन जाए । दोस्तो बॉलीवुड ने ऐसी इमेज जानबूझ कर बनाए हुए है सिनेमा के लिए बॉडी और चेहरा अच्छा होना चाहिए । ऐसा कुछ नहीं है उदाहरण के तौर पर आप साउथ की फिल्म इंडस्ट्री देख सकते है जो इसके विपरीत है। लेकिन फिर भी आपको अपना शरीर मेंटेन करना पड़ता है जो एक टेडी खीर साबित होता है । इसमें बहुत पैसा लगता है। लेकिन आज कल ये ट्रेंड सा बन गया है। तो अपने शरीर पर भी जरूर ध्यान दे। और दिखा दे अपना दम मुंबई जाने से पहले पूरी तैयारी के साथ जाए। आपको वहां खुद को जमाने में कई साल लग सकते है ये भी हो सकता है । 5 या 7 साल लग जाए शुरू में टाइम लगता है एक आधी वेब सीरीज हाथ आ जाए तो फिर  निकल पड़ती है । और कभी खुद से निराश ना हो परिवार को भरोसे में रखे । उनसे बात करते रहें हौसला मिलेगा एक दिन आप भी जरूर उपर अपने मुकाम तक पहुंच पाएंगे पंकज त्रिपाठी की तरह जानते हो ना मिर्जापुर को । तो बस जुड़ जाए और लगे रहे एक दिन आप जरूर सक्सेस पाएंगे ।

Exit mobile version