केवली कुंभक

Table of content केवल कुंभक क्या है । तीनो बंध का समावेश क्या है । लाभ क्या है । केवली कुंभक का अर्थ है रेचक पूरक बिना ही प्राण का स्थिर हो जाना इसको केवली कुंभक सिद्ध होता है उस योगी के लिए तीनो लोक में कुछ भी दुर्लभ नहीं रहता कुंडलिनी जागृत होती है […]

त्रिबंध किसे कहते है ?

त्रिबंध तीन प्रकार के होते है । 1. मूलबंध 2. उड्डीयानबंध 3. जालंधरबंध 1. मूलबंध क्या है ? शौच आदि से स्नान आदि से निर्वत्त हो कर आसन पर बैठ जाए । बाई एडी के द्वारा सिवन या योनि को दबाए दाहिनी एडी सीवन पर रखे । गुदा द्वार को सिकोड़कर भीतर की और उपर […]

शवासन क्या है ? किसे कहते है

Table of content शवासन क्या है विधि लाभ शवासन की पूर्ण अवस्था में शरीर के तमाम अंग एवं मस्तिष्क पूर्णता चेष्टा रहित किए जाते हैं यह अवस्था सब मुर्दे जैसी होने से इस आसन को शवासन कहा जाता है ध्यान संपूर्ण शरीर पर श्वास दीर्घ विधि :-बिछे हुए आसन पर चित्त होकर लेट जाएं दोनों […]

पाद पश्चिोत्तानासन क्या है

table of content विधि लाभ यह आसन करना कठिन है इसलिए इसे उग्रासन भी कहा जाता है उग्र का अर्थ है शिव । भगवान शिव संहारक है अतः उग्र या भयंकर है शिव सहिता में भगवान शिव ने मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा है यह आसन सर्वश्रेष्ठ आसन है इसको प्रयत्न पूर्वक गुप्त […]

जलनेति क्रिया क्या है ।

Table of content 1. विधि । 2.लाभ क्या है । एक लीटर पानी को गुनगुना सा गरम करे । उसमे करीब दस ग्राम शुद्ध नमक डाल कर घोल दे । सेंधवा नमक मिल जाए तो और भी बहुत अच्छा होता है। सुबह में स्नान के बाद यह पानी चौड़े मुहवाले पात्र में कटोरे में लेकर […]

पवनमुक्तासन के फायदे पवनमुक्तासन कैसे करते हैं पवनमुक्त आसन के प्रकार पवनमुक्तासन क्या होता है

शरीर में स्थित पवन यह आसन करने से मुक्त होता है इससे इसको पवनमुक्तासन कहां जाता है ध्यान मणिपुर चक्र में सांस पहले पूरक फिर कुंभक और रेचक विधि :भूमि पर बिछे हुए आसन पर चित्त होकर लेट जाएं पूरा करके फेफड़ों में सांस भर ले अब किसी भी एक पैर को घुटने से मोड़कर […]

What is the procedure of Matsyasana? मत्स्यासन की विधि Matsyasana benefts

मत्स्य का अर्थ है मछली मत इस आसन में शरीर का आकार मछली जैसा बनता है अत मत्याशन कहलाता है प्लावनी प्रणायाम के साथ इस आसन की स्थिति में लंबे समय तक पानी में तैर सकते है । ध्यान विशुद्ध चक्र में सांस पहले रेचक बही कुर्मभक फिर पूरक और रेचक । विधि :- भूमि […]

हलासन योग किस रूप में करे

Table of content 1.हलासन किसे कहते है 2. हलासन की विधि 3.हलासन के फायदे इस आसन में शरीर का आकार हल जैसा बनता है इसीलिए इसको हलासन कहा जाता है ध्यान विशुद्याख्य के चक्र में श्वास रेचक और बाद में दीर्घ विधि :-भूमि पर बिछे हुए आसन पर चित्त होकर लेट जाएं दोनों हाथ शरीर […]

स्वर्गासन करने का अनोखा तरीका

भूमि पर सोकर समग्र शरीर को ऊपर उठाया जाता है इसलिए इसको सर्वांगासन कहते हैं । ध्यान विशुद्ध ख्य चक्र के में श्वास रेचक पूरक और दीर्घावधि https://gofufa.org/yoga-for-beginners-yoga-crossword-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87-yoga-class/03/31/19/597/yoga-information/adityapundir/19/14/2021/ विधि :- भूमि पर बिछे हुए आसन पर चित्त होकर लेट जाएं श्वास को बाहर निकालकर अर्थात रेचक करके कमर तक के दोनों पैर सीधे और परस्पर […]

क्यों ना सिद्धासन करे ?

पद्मासन के बाद सिद्धासन का स्थान आता है अलौकिक सिद्धियां प्रदान करने वाला होने के कारण इसका नाम सिद्धासन पड़ा है सिद्धि योग योग का यह प्रिय आसन है यमो में ब्रह्मचर्य श्रेष्ठा है नियमो में शौच श्रेष्ठ है वैसे ही आसनों में सिद्धासन श्रेष्ठ है ध्यान आज्ञा चक्र में और स्वास्थ्य के स्वभाविक है […]

पद्मासन या कमलासन कैसे करे ?

इस आसन में पैरो का आधार पद्म अर्थात कमल जैसा बनने से इसको पद्मासन या कमलासन कहा जाता है । ध्यान आज्ञाचकर में अथवा अनाहत चक्र में श्वास रेचक कुंभक दीर्घ स्वाभाविक । विधि क्या है :- बिछे हुए आसन के ऊपर स्वस्थ होकर बैठे रेचक करते दाहिने पैर को मोड़कर बाएं जंघा पर रखे […]

योगासन कैसे करे

“सर्वप्रथम मै आपको बताना चाहूंगा आप जब भी योग करे तो किसी गुरु या ट्रेनर को धारण करके उनके सामने योग करे सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए दी गई है जो विभिन्न स्रोतों से जमा करके आपके लिए लिखी गई है” योग कैसे करे प्रस्तावना :-साधारण मनुष्य अन्य में प्राण में और मनोमय कोष में […]