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एक शिशक को भगवान का दर्जा क्यों दिया जाता है कारण जाने ।

अध्यापक जो जीवन बनाता है भविष्य निर्माण करता है किसी भी देश राज्य दुनिया कस्बा गाव जिस पर आने वाली पीढ़ियां निर्भर करती है किसी ने सच ही कहा

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अध्यापक जो जीवन बनाता है भविष्य निर्माण करता है

किसी भी देश राज्य दुनिया कस्बा गाव जिस पर आने वाली पीढ़ियां निर्भर करती है
किसी ने सच ही कहा है “अध्यापक/शिक्षक कभी साधारण नहीं होता है उसकी गोद में प्रलय और निर्माण दोनों पलते है ”

कितना सटीक कहा गया है । पुराने समय में भारत में मास्टर अगर छात्र की पिटाई भी कर देता था। तो मा बाप खुश होते थे।

चलो बच्चा पढ़ेगा खूब आगे बढ़ेगा। लेकिन आज के युग में मा बाप खुद ही बच्चो के दुश्मन बने बैठे है। छात्र अगर ना पढ़े अध्यापक डांटे तो मा बाप विद्यालय में लड़ने चले जाते है । 

एक दुखद बात है। कुछ दोष विद्यालय का भी होता है। एक तरफ सरकार कितना मेहनत कर रही है । 1. फ्री स्कूल किट मिलती है जिसमें बैग कपड़े जूते सब मिलता है और किताबे भी मिलती है। 

2. खाना मिलता है जिसे मिड डे मील कहा जाता है । भारत में सभी राज्यो की सरकार शिक्षा पर अच्छा खर्च करती है हर साल लेकिन सरकारी स्कूल में बच्चे कम पढ़ने आते है । 

3:- बच्चो को छात्र वृती के रूप में प्रोत्साहन राशि दी जाती है जिससे उनके उचित भविष्य का निर्माण हो। उधर एक तरफ स्कूल में जो प्राइवेट है कपड़े जूते स्कूल किताब सभी खरीदना पड़ता है। 

जो काफी महंगा पड़ता है समान्य से अंग्रेजी स्कूलों में आज के दौर में महंगा हो चुका है सब।जो मध्यम वर्गीय के हाथो से निकल सा रहा है बजट आज के कोरोना काल में । 

सरकार को भी इसको सही ढंग से नियम कानून बनाने चाहिए । ताकि शिक्षा सबको मिले जिसका दाम कम हो। इसके अपितु सरकारी स्कूल में भी अध्यापकों को उनकी जिम्मेदारियों का अहसास करना चाहिए। जो हर बच्चे में आत्म विश्वास जगाए जिससे भारत भविष्य सही निर्माण हो। 

अध्यापक पर निर्भर करता है । कैसा बच्चो का भविष्य होगा। बच्चो को भी अपने मास्टर की इज्जत करनी चाहिए उचित सम्मान देना चाहिए।                   अध्यापक :- एक शिक्षक अपने आप में महत्व पूर्ण पद है जिसकी गरिमा होती है जो उचित संसाधनों का उपयोग करके किसी भी बालक का भविष्य सवार सकता है ।

प्रण ले :-तो आइए सभी प्रण करें आज हम सभी अपने शिक्षकों का सम्मान करेंगे उन्हें आदर देंगे ।

शिक्षक के कर्तव्य :- 1.सभी बच्चों पर ध्यान दे समान ।

2:- सभी छात्रों में शिष्टाचार की भावना उत्पन करे।

3:- छात्रों को अच्छे बुरे का ज्ञान कराए। 

4:- हर विषय में मदद करे । 5: बच्चो की सभी समस्या का निवारण करे ।

6:- बच्चो में जाति पाती भेद से उपर उठने की भावना का निर्माण करे । 

7:- बच्चो को समाजिक ज्ञान का स्रोत दे । ऐसी विशेष उपलब्धियां ही शिक्षक की होती है । 

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